NHAI टोल बने गुंडागर्दी के अड्डे

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MOKAJI TV :  NHAI टोल प्लाज़ा पर बदतमीज़ी, गाली-गलौच, मारपीट और गुंडागर्दी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

ताज़ा मामले में—जैसा आपने बताया—ऑपरेशन सिन्दूर में शामिल एक सैनिक को टोल कर्मचारियों ने मिलकर बुरी तरह पीटा, जिसमें डंडों और लोहे की सालियों का इस्तेमाल किया गया।

ऐसी घटनाएँ बहुत गंभीर हैं क्योंकि –

  1. सैनिक देश की सुरक्षा में अपनी जान की बाज़ी लगाते हैं, और जब उन्हीं के साथ देश के भीतर इस तरह का व्यवहार होता है तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
  2. टोल प्लाज़ा पर आम नागरिकों और ट्रक ड्राइवरों के साथ भी आये दिन गाली-गलौच, बदसलूकी और हिंसा के मामले सामने आते हैं।
  3. यह स्थिति NHAI, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की लापरवाही दिखाती है।

???? अब ज़रूरत है कि –

  • इस घटना की निष्पक्ष जाँच हो और दोषी टोल कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
  • टोल प्लाज़ा पर CCTV निगरानी और पुलिस पिकेटिंग अनिवार्य की जाए।
  • सेना और पुलिस के जवानों को राष्ट्रीय कर्तव्यों में लगे होने पर फास्ट टैग / टोल-फ्री व्यवस्था दी जाए।
  • टोल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए जाएँ कि कर्मचारियों का व्यवहार नागरिकों के प्रति शालीन और जिम्मेदार रहे।

NHAI टोल प्लाज़ा पर गुंडागर्दी – सेना के जवान पर जानलेवा हमला

देश की सुरक्षा में जीवन दाँव पर लगाने वाले हमारे सैनिक पर हाल ही में एक शर्मनाक घटना घटी है।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन सिन्दूर में शामिल एक वीर सैनिक को ड्यूटी से लौटते समय NHAI टोल प्लाज़ा पर टोल कर्मचारियों ने घेरकर डंडों और लोहे की सालियों से बेरहमी से पीटा। यह घटना न केवल अमानवीय है बल्कि पूरे देश की भावनाओं को आहत करती है।

➡️ सवाल उठता है कि क्या टोल प्लाज़ा वसूली का अड्डा बन चुके हैं?
➡️ आम नागरिक, ट्रक ड्राइवर और अब तो सेना के जवान तक इनकी गुंडागर्दी का शिकार हो रहे हैं।

हम प्रशासन और सरकार से मांग करते हैं:

  1. दोषी टोल कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।
  2. सभी टोल प्लाज़ा पर CCTV निगरानी और पुलिस पिकेटिंग अनिवार्य की जाए।
  3. सेना, पुलिस और अन्य राष्ट्रीय कर्तव्य पर तैनात कर्मियों के लिए टोल-फ्री व्यवस्था लागू की जाए।
  4. NHAI और टोल मैनेजमेंट कंपनियों को कर्मचारियों के व्यवहार और प्रशिक्षण पर सख्त नियम लागू करने चाहिए।

???? यह केवल एक सैनिक की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है।
???? टोल प्लाज़ा को वसूली और हिंसा का अड्डा बनने से रोकना होगा।

भुनी टोल प्लाजा पर तैनात टोलकर्मियों द्वारा सेना के जवान के साथ दुर्व्यवहार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मेरठ-करनाल सेक्शन (NH-709A) के भुनी टोल प्लाजा पर तैनात टोलकर्मियों द्वारा सेना के जवान के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. 17 अगस्त 2025 को हुई इस घटना के बाद NHAI ने टोल वसूली एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है. साथ ही उसे एक साल तक किसी भी नई बोली में भी भाग लेने से रोक दिया है.

इतना ही नहीं, एनएचएआई ने टोल एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उसकी 5 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी भी जब्त कर ली है. इसके अलावा भुनी टोल प्लाजा पर क्षतिग्रस्त उपकरणों और ढांचे की मरम्मत और प्रतिस्थापन के लिए 3.66 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा. बता दें कि जिस जवान के साथ दुर्व्यवहार किया गया, वह ऑपरेशन सिंदूर में शामिल था.

NHAI ने सभी टोल एजेंसियों को निर्देश दिया है

भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए NHAI ने सभी टोल एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो सड़क उपयोगकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं. NHAI ने सभी टोल एजेंसियों को हाईवे उपयोगकर्ताओं के साथ अच्छे व्यवहार के लिए टोल कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश भी जारी किए हैं. एनएचएआई ने सभी टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के लिए ‘टोल प्लाज़ा पर ग्राहक संपर्क और संचार कौशल को बढ़ाने’ विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया था. एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर लोगों को निर्बाध यात्रा अनुभव देना उसकी प्राथमिकता है. टोल प्लाज़ा कर्मचारियों द्वारा हाईवेनउपयोगकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा.

MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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