राजस्थान में वार्डों का पुनर्गठन शुरू, 31 दिसंबर तक पूरी होगी प्रक्रिया

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राजस्थान में पंचायत राज वार्डों का नया नक्शा तैयार

पुनर्गठन–पुर्नसीमांकन के बाद सवा लाख से ज्यादा वार्ड, 31 दिसंबर तक पूरी होगी प्रक्रिया

जयपुर | MOKAJI TV NEWS

राजस्थान में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन व पुर्नसीमांकन के बाद अब वार्ड गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं में 1.30 लाख से अधिक वार्ड हो जाएंगे, जो पिछली बार की तुलना में 15 से 20 हजार अधिक होंगे।

पंचायत राज विभाग के अनुसार सभी संस्थाओं में वार्डों की संख्या विषम (Odd Number) रखी जाएगी, ताकि निर्णय प्रक्रिया में स्पष्ट बहुमत सुनिश्चित किया जा सके।


कौन अधिकारी होगा जिम्मेदार?

  • ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन व पुर्नसीमांकन की जिम्मेदारी
    👉 उपखण्ड अधिकारी (SDO) को दी गई है
  • पंचायत समिति और जिला परिषद में यह जिम्मेदारी
    👉 जिला कलक्टर निभाएंगे

31 दिसंबर 2025 तक पूरी होगी प्रक्रिया

पंचायत राज विभाग ने सभी जिला कलक्टरों को आदेश जारी कर दिए हैं।
पूरी प्रक्रिया दो सप्ताह में पूरी की जाएगी—

  • पहले 7 दिन
    👉 वार्डों का पुनर्गठन व पुर्नसीमांकन
    👉 प्रारंभिक नोटिस जारी
  • अगले 7 दिन
    👉 दावे व आपत्तियां आमंत्रित
    👉 सुनवाई और निस्तारण

सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2025 तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।


आबादी के आधार पर वार्डों की संख्या तय

ग्राम पंचायत

  • 3,000 तक आबादी → 7 वार्ड
  • इसके बाद हर अतिरिक्त 1,000 आबादी पर → 2 नए वार्ड

पंचायत समिति

  • 1 लाख तक आबादी → 15 वार्ड
  • इसके बाद हर 15,000 आबादी पर → 2 नए वार्ड

जिला परिषद

  • 4 लाख तक आबादी → 17 वार्ड
  • इसके बाद हर 1 लाख आबादी पर → 2 अतिरिक्त वार्ड

संस्थाओं की संख्या में बढ़ोतरी

संस्था पहले नई कुल
जिला परिषद 33 8 41
पंचायत समिति 365 85 450
ग्राम पंचायत 11,194 3,441 14,635

पहले और अब वार्डों की स्थिति

पहले कुल वार्ड

  • जिला परिषद : 1,014
  • पंचायत समिति : 6,426
  • ग्राम पंचायत : 1,07,707
    👉 कुल : लगभग 1.15 लाख

अब अनुमानित कुल वार्ड
👉 1.30 लाख से अधिक


निष्कर्ष

इस पुनर्गठन से स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, नई पंचायतों और वार्डों के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा। साथ ही आगामी पंचायत चुनावों में राजनीतिक समीकरण भी पूरी तरह बदलते नजर आएंगे

MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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