छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में एक गंभीर वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें बैंक के ही अधिकारियों ने मृतकों के निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर लाखों रुपये की हेराफेरी की है।
घोटाले का विवरण:
मृत खाताधारकों के खाते सक्रिय: बैंक अधिकारियों ने उन खातों को, जो खाताधारकों की मृत्यु के बाद निष्क्रिय हो गए थे, फर्जी तरीके से पुनः सक्रिय किया।
राशि की अवैध निकासी: इन सक्रिय किए गए खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। उदाहरण के लिए, मृत महिला दीपा अहिरवार के खाते से ₹1.46 लाख की निकासी की गई।
फर्जी दस्तावेजों का उपयोग: जांच में पाया गया कि बैंक कर्मचारियों ने अन्य खाताधारकों के सीआईएफ (ग्राहक सूचना फ़ाइल) में जाकर नाम बदलकर फर्जी निकासी की।
पुलिस कार्रवाई:
गिरफ्तारी: कवर्धा पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर संजय प्रकाश जारीका, सूरज शर्मा, निशांत कुमार और मुख्य आरोपी प्रतीक उइके सहित चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
आरोप: इन अधिकारियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
अन्य धोखाधड़ी के मामले:
बोड़ला एसबीआई शाखा में अन्य धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं, जहां मंगली बाई नामक महिला के निष्क्रिय खाते को सक्रिय कर ₹82,000 की अवैध निकासी की गई।
ग्राहकों के लिए सुझाव:
नियमित खाता जांच: अपने बैंक खातों की नियमित रूप से जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित बैंक अधिकारियों को दें।
सतर्कता: बैंकिंग लेनदेन के प्रति सतर्क रहें और अपने खातों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
यह घटना बैंकिंग प्रणाली में विश्वासघात का गंभीर मामला है, जिससे ग्राहकों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
ऐसे अनगिनत बैंक कर्मचारियों द्वारा फ्रॉड आए दिन हो रहा हैं। यह जनता के साथ खिलवाड़ हैं। बैंक दुर्घटना बीमा जोकि 20 लाख का होता हैं। उसमे सिब्बल स्कोर खराब होने के बाद भी केसीसी लोन पास होने का बोलकर वकील का चार्ज लोन प्रोसेस चार्ज जोड़ देते हैं। साथ ही खाते में 1000 रुपए किस्त का होने के बाद भी बैंक कर्मचारियों के यह कह कर बीमा देने से इंकार कर दिया जाता है की आपके खाते पर होल्ड लगा हुआ हैं। जोकि बीमा करने वाले ग्राहकों के साथ सरासर खिलवाड़ हैं। इसकी वास्तविक जांच और इस विषय पर गौर किया जाना चाहिए।
यह घटना बैंकिंग प्रणाली में विश्वासघात का गंभीर मामला है, जिससे ग्राहकों की सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
ऐसे अनगिनत बैंक कर्मचारियों द्वारा फ्रॉड आए दिन हो रहा हैं। यह जनता के साथ खिलवाड़ हैं। बैंक दुर्घटना बीमा जोकि 20 लाख का होता हैं। उसमे सिब्बल स्कोर खराब होने के बाद भी केसीसी लोन पास होने का बोलकर वकील का चार्ज लोन प्रोसेस चार्ज जोड़ देते हैं। साथ ही खाते में 1000 रुपए किस्त का होने के बाद भी बैंक कर्मचारियों के यह कह कर बीमा देने से इंकार कर दिया जाता है की आपके खाते पर होल्ड लगा हुआ हैं। जोकि बीमा करने वाले ग्राहकों के साथ सरासर खिलवाड़ हैं। इसकी वास्तविक जांच और इस विषय पर गौर किया जाना चाहिए।
Author: MOTI SINGH RATHORE
EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"









