MOKAJI TV जयपुर | 7 अगस्त 2025
राजस्थान में सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग में कई कर्मचारियों ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हासिल की थी। राज्य की Special Operations Group (SOG) ने इस मामले की गहन जांच कर खुलासा किया है।
???? जांच के प्रमुख बिंदु:
- SOG ने 29 कर्मचारियों/अधिकारियों की जांच की, जो दिव्यांग कोटे से नियुक्त हुए थे।
- इन सभी की पुनः मेडिकल जांच सरकारी मेडिकल बोर्ड से करवाई गई।
- सिर्फ 5 कर्मचारी ही वास्तविक रूप से दिव्यांग पाए गए।
- 24 लोगों ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हासिल की।
- यह जांच राज्य भर के विभिन्न जिलों के शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों पर केंद्रित थी।
- संभावित कार्रवाई:
- फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- संबंधित विभागों से सिफारिश की जा रही है कि इनकी नियुक्तियां रद्द की जाएं।
- फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले दलालों व मेडिकल स्टाफ की भूमिका की भी जांच होगी।
- आवश्यक हुआ तो आर्थिक अपराध शाखा भी जांच में जोड़ी जा सकती है।
सामाजिक और नैतिक सवाल:
- इस फर्जीवाड़े से असली दिव्यांग अभ्यर्थियों का हक मारा गया।
- दिव्यांग कोटे का दुरुपयोग कर सामाजिक न्याय की भावना को ठेस पहुंचाई गई।
- यह घटना बताती है कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता बनाए रखना कितना जरूरी है।
SOG का बयान:
SOG के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
“हमने संदिग्ध मामलों को चिन्हित कर मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई। प्रारंभिक रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, वे गंभीर हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।“
इस मामले पर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से जवाबदेही की मांग उठ रही है।
आप भी किसी ऐसे फर्जीवाड़े की जानकारी रखते हैं, तो नजदीकी पुलिस थाने या SOG को सूचना दें।
Author: MOTI SINGH RATHORE
EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"









