ऑपरेशन सिंदूर पहलगांव में सिंदूर को उजड़ा पाकिस्तान ने आज भारत ने उस उजड़े सिंदूर का बदला लिया।

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RAW ने चुने टारगेट, सेना-नेवी-एयरफोर्स ने किया काम तमाम… Operation Sindoor की इनसाइड स्टोरी

मरकज सुभान अल्लाह का रणनीतिक महत्व
आतंकी केंद्र: यह जैश का सबसे
महत्वपूर्ण परिचालन और प्रशिक्षण केंद्र है, जहां आतंकियों को हथियार, शारीरिक और धार्मिक प्रशिक्षण दिया जाता है. केंद्र को पाकिस्तान की प्रांतीय और संघीय सरकारों का समर्थन प्राप्त है, जो ISI के संरक्षण में संचालित होता है.

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पुलवामा हमलाः इस केंद्र ने 2019 के
पुलवामा हमले के लिए आतंकियों को प्रशिक्षित किया, जिसके बाद भारत ने बालाकोट में हवाई हमला किया था.
पुलवामा हमलाः इस केंद्र ने 2019 के पुलवामा हमले के लिए आतंकियों को प्रशिक्षित किया, जिसके बाद भारत ने बालाकोट में हवाई हमला किया था.

ऑपरेशन सिंदूर में लक्ष्यः 7 मई 2025 को, मारकज सुभान अल्लाह को ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना द्वारा निशाना बनाया गया, जिसमें विशेष गोला-बारूद जैसे स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग किया गया.
ऑपरेशन सिंदूर में मरकज सुभान अल्लाह पर हमला
ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से 7 मई 2025 को शुरू किया गया एक सटीक सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य
हमले का विवरण
मरकज सुभान अल्लाह के प्रशिक्षण शिविर, हथियार डिपो और कमांड सेंटर. जैश के वरिष्ठ नेताओं, जैसे मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और यूसुफ अजहर के ठिकाने. 600 से अधिक कैडर जो इस परिसर में रहते थे.
       इन ठिकानों को किया ध्वस्त

हथियार
स्कैल्प क्रूज मिसाइल: राफेल जेट्स से
लॉन्च, 250-560 किमी रेंज, स्टील्थ डिज़ाइन. इसका उपयोग गहरे कमांड सेंटरों और बंकरों को नष्ट करने के लिए किया गया.
हैमर मिसाइल: 20-70 किमी रेंज, लेजर और इन्फ्रारेड गाइडेंस. इसका उपयोग
हैमर मिसाइल: 20-70 किमी रेंज, लेजर
और इन्फ्रारेड गाइडेंस. इसका उपयोग बंकरों और छोटे लक्ष्यों, जैसे प्रशिक्षण सुविधाओं को नष्ट करने के लिए.
ब्रह्मोस मिसाइल: सुपरसोनिक गति और
400 किमी रेंज के साथ हथियार डिपो को नष्ट करने के लिए.
SPICE 2000 और Popeye बम:
मिराज 2000 जेट्स से तैनात, सटीक निशाना लगाने के लिए.
ड्रोन-आधारित माइक्रो-म्यूनिशन्सः हेरॉन ड्रोनों से छोटे लेकिन महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए.
ये हुआ नुकसान
ढांचागत विनाशः सैटेलाइट इमेजरी से
पुष्टि हुई कि मरकज सुभान अल्लाह के प्रशिक्षण शिविर, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल और हथियार डिपो पूरी तरह नष्ट हो गए.
आतंकियों को नुकसान: संभावना है
कि 200-300 आतंकी मारे गए, जिनमें मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और यूसुफ अजहर जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं.
आतंकियों को नुकसानः संभावना है कि 200-300 आतंकी मारे गए, जिनमें मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और यूसुफ अजहर जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं.
मनोवैज्ञानिक प्रभावः हमले ने जैश और
ISI को गहरा झटका दिया, क्योंकि भारत ने 150 किमी अंदर तक सटीक हमला किया.
पाकिस्तानी प्रतिक्रियाः पाकिस्तान ने नुकसान से इनकार किया, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों ने विनाश की पुष्टि की. डीजी ISPR मेजर जनरल आसिफ गफूर ने दावा किया कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
जबकि पाकिस्तान को पता है कि उसका कितना नुकसान हुआ। पाकिस्तान अपने गिरेबान में झांक कर देखे कि भारत के साथ दगे का अंजाम क्या होता हैं।
सुनले पाकिस्तान अब तेरे हर बुरे कारनामों को भारत ऐसे ही नेतनाबूद करेगा। भारत के हर नागरिक के खून के एक एक कतरे का बदला तेरे समझ कितने उजड़ेंगे।
भारत माता की जय मोदी है तो सबकुछ मुमकिन हैं।
MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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