आपने चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के बारे में विशेष जानकारी की इच्छा व्यक्त की है। प्रस्तुत हैं इस वर्ष के इन पावन अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण:
चैत्र नवरात्रि 2025
- आरंभ तिथि: 30 मार्च 2025, रविवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 6 अप्रैल 2025, रविवार तक चलेगी।
- घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त: 30 मार्च को प्रातः 6:13 बजे से 10:22 बजे तक है। यदि इस अवधि में घटस्थापना न कर पाएं, तो अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक भी कलश स्थापना कर सकते हैं।
- विशेष संयोग: इस वर्ष नवरात्रि के दौरान पंचग्रही योग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
- अष्टमी और नवमी तिथियाँ: चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 4 अप्रैल को रात 8:12 बजे से 5 अप्रैल को रात 7:26 बजे तक रहेगी, जबकि नवमी तिथि 5 अप्रैल को रात 7:26 बजे से 6 अप्रैल को रात 7:22 बजे तक होगी। इन तिथियों पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
विक्रम संवत 2082 (हिंदू नववर्ष)
- आरंभ तिथि: 30 मार्च 2025 से विक्रम संवत 2082 की शुरुआत हो रही है, जो हिंदू नववर्ष का प्रतीक है।
- संवत्सर का नाम: इस वर्ष का संवत्सर ‘कालयुक्त’ है, जिसका नाम ‘सिद्धार्थ’ होगा।
- राजा और मंत्री: विक्रम संवत 2082 में सूर्य देव राजा और मंत्री दोनों पदों पर विराजमान होंगे, जिससे इस वर्ष रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ने की संभावना है।
- अन्य पदाधिकारी: इस संवत्सर में कोषाध्यक्ष और फसलों के स्वामी बुध होंगे, जबकि सुख-समृद्धि के स्वामी शुक्र होंगे।
- प्रभाव: सूर्य के राजा और मंत्री होने के कारण राजनीतिक उथल-पुथल और गर्मी में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
इन पावन अवसरों पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ दुर्गा की कृपा से आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।
Author: MOTI SINGH RATHORE
EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"









