पेरिस में आयोजित जलवायु सम्मेलन 2024 में, विश्व नेताओं ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए नए और ठोस समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुटता और प्रतिबद्धता को मजबूत करना था।
प्रमुख बिंदु:
1. कार्बन उत्सर्जन में कमी का लक्ष्य:
सभी सदस्य देशों ने 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को 50% तक कम करने का संकल्प लिया है।
2. नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश:
सौर, पवन और जल विद्युत परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
3. विकासशील देशों को सहायता:
विकसित देशों ने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित विकासशील देशों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया।
4. वन संरक्षण:
वनों की कटाई रोकने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए एक नई वैश्विक योजना पेश की गई है।
इस सम्मेलन में भारत ने भी जलवायु परिवर्तन से लड़ने के अपने प्रयासों को प्रस्तुत किया और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजनाओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत “पर्यावरणीय न्याय” के लिए प्रतिबद्ध है और विकास तथा पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाए रखेगा।
यह समझौता जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
Author: MOTI SINGH RATHORE
EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"









