डॉक्टर बोले- ब्लड कैंसर है..बचना मुश्किल,,,जब मौत सामने थी और दवा ने जवाब दे दिया, तब इस आदमी ने जंगल और बर्फीली नदी से जिंदगी की नई कहानी लिखी..,,।।
52 वर्षीय एक व्यक्ति की कहानी इस सोच को नई ऊर्जा देती है। उन्हें ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और लिंफोमा (लसीका ग्रंथि का कैंसर) हुआ। डॉक्टरों ने तुरंत कीमोथेरेपी और रेडिएशन की सलाह दी। लेकिन उन्होंने conventional treatment को ठुकराकर Natural Cancer Healing का मार्ग अपनाया।
इस व्यक्ति ने खुद को एक ‘प्राकृतिक ट्रायल’ में झोंक दिया। उन्होंने 4°C के बर्फीले पानी में 187 मील तैरने का संकल्प लिया। यह किसी भी औसत व्यक्ति के लिए असंभव लगता है, लेकिन उनके लिए यह प्रकृति से जुड़ने का एक जरिया था। Natural Cancer Healing के तहत ठंडे पानी में तैरना न सिर्फ शरीर को झटका देता है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी जाग्रत करता है।
187 मील (करीब 300 किलोमीटर) तैराकी 4°C के बर्फीले पानी में की हर हफ्ते एक रात जंगल में बिताई कैंसर से लड़ने की बजाय जीवन से प्यार करने का नजरिया अपनाया
हर हफ्ते एक रात वह जंगल में अकेले बिताते थे। कोई गैजेट नहीं, कोई इंसानी संपर्क नहीं – सिर्फ पेड़, चांदनी और उनके विचार। यह प्रकृति से गहन संपर्क Natural Cancer Healing का एक अनिवार्य हिस्सा है, जहां शरीर को नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
पहली तैराकी के बाद जब ब्लड टेस्ट हुआ तो ल्यूकेमिया गायब हो चुका था। उनके कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर ने यहां तक कहा, “अगर मैंने खुद उनका टेस्ट नहीं किया होता, तो यकीन नहीं करता कि उन्हें कभी कैंसर था!”
इस तरह के प्राकृतिक तरीकों को आज विज्ञान भी समर्थन देता है:
जापान में हुए एक शोध में पाया गया कि जंगल में 72 घंटे बिताने पर नैचुरल किलर सेल्स (NK Cells) की संख्या 50 से 200 गुना तक बढ़ जाती है। ये वही कोशिकाएं हैं जो कैंसर से लड़ती हैं।
Natural_Cancer_Healing में प्रयोग होने वाले शारीरिक और मानसिक व्यायाम, जैसे तैराकी और मेडिटेशन, इम्यून सिस्टम को पुनर्जीवित करने में सहायक हैं।
ColdWater में डुबकी लगाने से एंटी-इंफ्लेमेटरी हार्मोन्स सक्रिय होते हैं, जिससे शरीर खुद को मरम्मत करता है।
सच है कि दवाएं आखिरी विकल्प होनी चाहिए, पहली नहीं। हर दवा के साइड इफेक्ट होते हैं, लेकिन प्रकृति के सिर्फ फायदे होते हैं।
आज वे 64 वर्ष के हैं, पूरी तरह स्वस्थ और दो वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम हैं – एक लंबी दूरी की बर्फीली तैराकी और दूसरा जंगल में सबसे लंबा एकल ध्यान (solo meditation retreat)।
उनका मानना है कि जीवन में उद्देश्य और आत्मबल से बड़ा कोई इलाज नहीं।
वे अब लोगों को बिना दवा, कीमो और रेडिएशन के अपनी प्राकृतिक हीलिंग पावर को जगाना सिखा रहे हैं।
एक सच्ची कहानी किसी भारतीय की मदद कर सकती है,,,
Author: MOKAJI TV
I am Moti Singh Rathore Founder/CEO DIRECTOR/ Editor in chief of Mokaji Media Entertainment Pvt Ltd Company. Our Media Company run Media business with online News Portal "MOKAJI TV".









