अमेरिका ने ईरान के 3 एटमी ठिकानों पर की बमबारी।

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अमेरिका कूदा इजरायल और  ईरान युद्ध में।

ईरान ने इजराइल के 14 शहरों पर मिसालें दागी। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात की।
अमेरिका ने ईरान में 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। ये ठिकाने फोर्डो, नतांज और इस्फहान हैं। हमला भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4:30 बजे हुआ।
ट्रम्प ने ईरान पर हमले के 3 घंटे बाद देश को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट्स ‘obliterate’ यानी कि पूरी तरह से तबाह कर दी गई हैं। फोर्डो पर बमों की एक पूरी खेप गिरा दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अब उसे शांति कायम करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उस पर और बड़े हमले किए जाएंगे।
          इन ठिकानों पर किया हमला।

अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्म्स (IRGC) ने कहा कि उन्होंने इजराइल पर सबसे बड़ा अटैक किया है और 14 अहम ठिकानों को निशाना बनाया है।
वहीं, टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हाइफा और तेल अवीव के मिलिट्री और रिहायशी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। इजराइल में अब तक 86 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
इस बीच पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर बात की। इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने X पर लिखा- हमने मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की। हाल की घटनाओं में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। हालात को तुरंत शांत करने, बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
ईरान में 13 जून से अब तक 657, इजराइल में 24 की मौत
इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष का आज 10वां दिन है।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में 13 जून से अब तक 657 लोगों की मौत हुई है और 2000 से ज्यादा घायल हैं।
हालांकि ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिर्फ 430 नागरिकों के मारे जाने और 3,500 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं, इजराइल में 21 जून तक 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 900 से ज्यादा घायल हुए हैं।
हमने ईरान के परमाणु प्रोगाम को काफी पीछे धकेला’, अमेरिकी हमले के बाद जेडी वेंस का पहला बयान
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले के बाद पहला बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बहुत लंबे समय के लिए पीछे धकेल दिया है. और यह कार्रवाई अमेरिका की खुफिया एजेंसियों से मिली मजबूत सूचनाओं के आधार पर की गई.
उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया कि ईरान पर हवाई हमला करने का अंतिम निर्णय बिल्कुल आखिरी क्षणों में लिया गया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कई वर्षों पीछे कर दिया है. वेंस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन का ईरान में “बूट्स ऑन द ग्राउंड” यानी जमीनी सेना भेजने का कोई इरादा नहीं है. वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान से दीर्घकालिक समाधान के लिए बातचीत करना चाहता है, लेकिन किसी भी स्थिति के लिए तैयार भी है. उन्होंने कहा, “हम ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते. वेंस ने भरोसा जताया कि यह संघर्ष लंबा नहीं चलेगा और इसे बढ़ने से रोका जाएगा.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया कि ईरान पर हवाई हमला करने का अंतिम निर्णय बिल्कुल आखिरी क्षणों में लिया गया. उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कई वर्षों पीछे कर दिया है. वेंस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन का ईरान में “बूट्स ऑन द ग्राउंड” यानी जमीनी सेना भेजने का कोई इरादा नहीं है. वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान से दीर्घकालिक समाधान के लिए बातचीत करना चाहता है, लेकिन किसी भी स्थिति के लिए तैयार भी है. उन्होंने कहा, “हम ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते. वेंस ने भरोसा जताया कि यह संघर्ष लंबा नहीं चलेगा और इसे बढ़ने से रोका जाएगा.
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की कार्रवाई उनकी संवैधानिक शक्तियों के अंतर्गत थी और इसे लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई हल्के में नहीं ली. लेकिन यह कदम भविष्य में ईरान के साथ संबंधों को फिर से पटरी पर लाने और बातचीत का एक नया मौका भी प्रदान कर सकता है.
जेडी वेंस ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी
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MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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