ईरान ने फिर बंद किया हार्मोज़ जलडमरूमध्य

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MOKAJI TV NEWS | विशेष रिपोर्ट
ईरान ने फिर बंद किया हार्मोज़ जलडमरूमध्य, दुनिया की अर्थव्यवस्था पर मंडराया नया संकट
तेहरान/वॉशिंगटन | 21 जून 2026

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने घोषणा की है कि उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक हार्मोज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार यह कदम अमेरिका और इज़राइल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघन के जवाब में उठाया गया है।

क्या है हार्मोज़ जलडमरूमध्य?

हार्मोज़ जलडमरूमध्य खाड़ी देशों को अरब सागर से जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री मार्ग है। विश्व के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% इसी रास्ते से गुजरता है। यह मार्ग Saudi Arabia, UAE, Kuwait, Iraq, Qatar और अन्य ऊर्जा उत्पादक देशों के लिए जीवनरेखा माना जाता है।
ईरान ने क्यों उठाया यह कदम?
ईरान का दावा है कि हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का अमेरिका और इज़राइल ने पालन नहीं किया। विशेष रूप से लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाइयों को ईरान ने समझौते का उल्लंघन बताया है। इसके विरोध में ईरानी सैन्य नेतृत्व ने जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की।

अमेरिका का दावा: रास्ता अभी खुला है

दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने ईरान के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि हार्मोज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और जहाज़ों की आवाजाही जारी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात प्रभावित न हो। तेल बाजार में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। पहले से ही वैश्विक ऊर्जा बाजार इस क्षेत्र की अस्थिरता से प्रभावित रहा है और नई बंदी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

 

भारत पर क्या होगा असर?

भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। यदि हार्मोज़ मार्ग में व्यवधान जारी रहता है तो:
पेट्रोल और डीज़ल महंगे हो सकते हैं।
विमानन ईंधन की लागत बढ़ सकती है।
आयात-निर्यात पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
महंगाई दर पर असर पड़ सकता है।
एयरलाइंस और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।

दुनिया की निगाहें स्विट्ज़रलैंड वार्ता पर

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि स्विट्ज़रलैंड में वार्ता कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद है कि कूटनीतिक समाधान निकलेगा और दुनिया के इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को स्थायी रूप से खुला रखा जा सकेगा।
MOKAJI TV ANALYSIS
यदि हार्मोज़ जलडमरूमध्य में संकट गहराता है तो इसका प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। तेल, गैस, शिपिंग, एविएशन और वैश्विक व्यापार पर इसका सीधा असर दिखाई देगा। भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
रिपोर्ट: MOKAJI TV International Desk
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MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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