दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़! CBI ने शुरू की जांच

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दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दर्ज की FIR, अब होगी विस्तृत जांच

मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने जांच शुरू कर दी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI को जांच का निर्देश दिया था। अदालत ने प्रारंभिक पुलिस जांच में कई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए मामले में FIR दर्ज कर सभी परिस्थितियों की जांच करने का आदेश दिया।

इसके बाद CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया और 13 सितंबर 2026 के आसपास FIR दर्ज कर जांच औपचारिक रूप से शुरू की।

दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई थी, जिसके कारण दोनों मामलों को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा होती रही है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रारंभिक जांच करीब छह वर्ष तक चली और पुलिस जांच से कई सवाल उठे। अदालत ने मामले की परिस्थितियों की व्यापक और स्वतंत्र जांच के लिए CBI को निर्देश दिया।

अब CBI की जांच का मुख्य उद्देश्य क्या था, क्या हुआ और किन परिस्थितियों में दिशा सालियान की मौत हुई—इन सभी पहलुओं की जांच करना है।

हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि CBI जांच या FIR का मतलब किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है। किसी व्यक्ति की भूमिका जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होगी।

दिशा सालियान (Disha Salian) की मौत के मामले में वाकई एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।
​इस मामले से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
​बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा के पिता सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई पुलिस द्वारा सालों तक केवल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तहत जांच जारी रखने पर सवाल उठाए थे और CBI को नए सिरे से मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था।
​किन धाराओं में दर्ज हुई FIR: CBI ने आईपीसी (IPC) की गंभीर धाराओं (जैसे गैंगरेप, हत्या और सबूत मिटाने या छिपाने) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
​जांच अधिकारी: इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की जांच के लिए सीबीआई ने अनुभवी आईपीएस अधिकारी और स्पेशल क्राइम यूनिट की एसपी सीमा पाहुजा (Seema Pahuja) को नियुक्त किया है।
​किसका नाम आया सामने: हालांकि एफआईआर में शुरुआत में किसी को सीधे तौर पर ‘आरोपी’ नहीं बनाया गया है, लेकिन दिशा के पिता के बयानों और शिकायत के आधार पर कुछ प्रमुख नाम (जैसे आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती और रोहन रॉय) जोड़े गए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की बात कही जा रही है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों और लोक सेवकों द्वारा कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ और कवर-अप करने के एंगल की भी जांच की जा रही है।
​प्रतिक्रियाएं: कोर्ट के आदेश और सीबीआई जांच पर राजनीतिक दलों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां एक तरफ इसे न्याय की तरफ बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे राजनीतिक प्रतिशोध भी करार दिया जा रहा है।
​यह मामला जून 2020 में दिशा सालियान की मुंबई की एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर हुई मौत से जुड़ा है। अब केंद्रीय एजेंसी के अपने स्तर पर जांच शुरू करने के बाद इस मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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MOTI SINGH RATHORE
Author: MOTI SINGH RATHORE

EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"

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