MOKAJI TV | राजस्थान चुनाव 2026 के लिए पूरी तरह विस्तृत, तथ्यात्मक और रिपोर्ट.
🟥 राजस्थान पंचायत–निकाय चुनाव 2026
खर्च सीमा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, सरपंच अब 1 लाख रुपये तक कर सकेंगे प्रचार
राजस्थान में होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। चुनाव प्रचार पर होने वाले खर्च की सीमा को दोगुना तक बढ़ा दिया गया है, जिससे इस बार उम्मीदवार पहले से अधिक व्यावहारिक ढंग से चुनाव प्रचार कर सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में चुनाव प्रचार की लागत में भारी वृद्धि, महंगाई और तकनीकी माध्यमों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह फैसला आवश्यक हो गया था।
🗳️ क्यों बढ़ाई गई खर्च सीमा?
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि—
“वर्ष 2014 और 2019 की तुलना में वर्ष 2025–26 तक प्रचार की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में उम्मीदवारों को निर्धारित सीमा में रहकर प्रभावी प्रचार करना कठिन हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यय सीमा का पुनर्निर्धारण किया गया है।”
उन्होंने कहा कि आयोग समय-समय पर चुनावी नियमों की समीक्षा करता रहता है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवहारिक बन सके।
🏛️ पंचायत चुनावों में नई खर्च सीमा (2026)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पंचायतीराज संस्थाओं में खर्च सीमा इस प्रकार तय की गई है—
🔹 सरपंच पद
2014: ₹20,000
2019: ₹50,000
2026: ₹1,00,000
🔹 पंचायत समिति सदस्य
2014: ₹40,000
2019: ₹75,000
2026: ₹1,50,000
🔹 जिला परिषद सदस्य
2014: ₹80,000
2019: ₹1,50,000
2026: ₹3,00,000
➡️ विशेष रूप से सरपंच पद के लिए खर्च सीमा में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
🏙️ नगरीय निकाय चुनावों में खर्च सीमा
नगरीय निकायों के चुनावों में भी खर्च सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है—
🔹 नगर निगम
2014: ₹80,000
2019: ₹2,50,000
2026: ₹3,50,000
🔹 नगर परिषद
2014: ₹60,000
2019: ₹1,50,000
2026: ₹2,00,000
🔹 नगर पालिका
2014: ₹40,000
2019: ₹1,00,000
2026: ₹1,50,000
⚖️ खर्च का हिसाब देना होगा अनिवार्य
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने साफ किया है कि—
हर उम्मीदवार को खर्च का पूरा और सही लेखा-जोखा रखना होगा
निर्धारित प्रपत्र में खर्च का विवरण संधारित करना अनिवार्य
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद तय समय सीमा में
जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष लेखा प्रस्तुत करना होगा
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“खर्च सीमा का उल्लंघन करने वालों पर पंचायतीराज अधिनियम और चुनाव नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
🚨 नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
नामांकन रद्द किया जा सकता है
भारी जुर्माना लगाया जा सकता है
भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक
गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई
🔥 राजनीतिक हलचल तेज
इस फैसले के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
कई सीटों पर जीत के अंतर से 5 गुना अधिक वोट कटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं
जोधपुर सहित कई जिलों में सियासी भूचाल
OBC आरक्षण को लेकर पंचायत और निकाय चुनावों पर संकट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार की याचिका खारिज किए जाने से मामला और उलझा
🎙️ MOKAJI TV विश्लेषण
चुनाव खर्च सीमा में बढ़ोतरी से
✔️ छोटे और मध्यम उम्मीदवारों को राहत
✔️ डिजिटल प्रचार को बढ़ावा
✔️ महंगाई के अनुरूप नियमों में सुधार
लेकिन साथ ही यह भी जरूरी होगा कि
⚠️ धनबल का दुरुपयोग न हो
⚠️ आयोग की निगरानी और सख्त हो
असली परीक्षा अब नियमों के ईमानदार पालन की होगी
Author: MOKAJI TV
I am Moti Singh Rathore Founder/CEO DIRECTOR/ Editor in chief of Mokaji Media Entertainment Pvt Ltd Company. Our Media Company run Media business with online News Portal "MOKAJI TV".








