अरब देशों में अवैध रूप से बिना वीजा प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ती जा रही है। हाल ही में, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने वीजा नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य अवैध प्रवेश और अनधिकृत गतिविधियों को रोकना है।
सऊदी अरब की नई वीजा नीति:
1 फरवरी 2025 से सऊदी अरब ने अपनी वीजा नीतियों में बदलाव करते हुए भारत सहित 14 देशों के लिए मल्टीपल एंट्री वीजा को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। अब इन देशों के यात्रियों को केवल सिंगल एंट्री वीजा मिलेगा, जो 30 दिनों के लिए वैध होगा। यह कदम हज के दौरान अनधिकृत तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या और भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। 2024 में अत्यधिक गर्मी और भीड़ के कारण 1,200 से अधिक तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई थी, जिसमें अनधिकृत तीर्थयात्रियों की उपस्थिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
UAE की वीजा नीति:
UAE ने हाल ही में 87 देशों के नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश की अनुमति दी है, लेकिन इस सूची में भारत शामिल नहीं है। इसका अर्थ है कि भारतीय नागरिकों को UAE में प्रवेश से पहले वीजा प्राप्त करना आवश्यक होगा।
दुबई और अबू धाबी के लिए नए नियम:
दुबई और अबू धाबी की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं:
- बैंक खाते में कम से कम 60,000 रुपये की राशि होनी चाहिए या क्रेडिट कार्ड और रिटर्न टिकट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
- यात्रा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, होटल बुकिंग की पुष्टि, और यदि किसी परिचित से मिलने जा रहे हैं तो उनके संपर्क विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है।
इन शर्तों का पालन न करने पर यात्रियों को एयरपोर्ट से ही वापस भेजा जा सकता है।
निष्कर्ष:
इन नए नियमों के तहत, अरब देशों में अवैध रूप से बिना वीजा प्रवेश करने वालों के लिए बचना अब कठिन हो गया है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले संबंधित देश की वीजा नीतियों और आवश्यकताओं की पूरी जानकारी प्राप्त करें और सभी नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
Author: MOTI SINGH RATHORE
EDITOR IN CHIEF "MOKAJI TV"









