राजस्थान में सोसायटी पट्टों पर बड़ी रोक, भूखंडों की रजिस्ट्री बंद

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राजस्थान में सोसायटी पट्टों पर बड़ी रोक, भूखंडों की रजिस्ट्री बंद

राजस्थान सरकार ने सोसायटी पट्टों पर भूखंडों की रजिस्ट्री को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब 90-ए (भूमि उपयोग परिवर्तन) के बिना किसी भी सोसायटी पट्टे वाले भूखंड की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।

सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में हजारों प्लॉट खरीदार और रियल एस्टेट निवेशक प्रभावित होने की आशंका है।


📌 क्या है सरकार का नया नियम?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब

  • एग्रीमेंट टू सेल
  • पावर ऑफ अटॉर्नी
  • डेवलपर एग्रीमेंट
  • लोन, ट्रस्ट डीड, कंसेशन एग्रीमेंट सहित कुल 12 प्रकार के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।

बिना रजिस्ट्री के इन दस्तावेजों को अब कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी


⚠️ सोसायटियों पर शिकंजा

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जयपुर की करीब 80 प्रतिशत बसावट सोसायटी पट्टों पर है। कई सोसायटियों ने अब तक 90-ए नहीं कराया, जिससे

  • बैंक लोन रुक सकते हैं
  • प्लॉट की रजिस्ट्री अटक सकती है
  • खरीदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

🚨 पट्टा ट्रांसफर के अवैध कारोबार पर रोक

अब तक कई सोसायटियां पट्टा ट्रांसफर के नाम पर अवैध वसूली कर रही थीं। नए नियम लागू होने के बाद

  • पट्टा ट्रांसफर का यह खेल बंद होगा
  • रजिस्ट्रेशन केवल वैध प्रक्रिया से ही होगा

🗣️ विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला
✔ अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाएगा
✔ आम नागरिकों को ठगी से बचाएगा
✔ रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाएगा

हालांकि, अचानक लागू नियमों से मिडिल क्लास प्लॉट खरीदारों की परेशानी भी बढ़ सकती है।


❓ अब आम लोगों को क्या करना चाहिए?

  • प्लॉट खरीदने से पहले 90-ए की स्थिति जांचें
  • सोसायटी के वैध दस्तावेजों की पुष्टि करें
  • बिना रजिस्ट्री किसी भी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर न करें
निम्न लिखित बिन्दुओ पर ध्यान देवे
राजस्थान में कृषि‑जमीन की नई धोखाधड़ी – सतर्क रहें कृषि  भूमि में बिल्कुल  plot अभी नहीं ख़रीदे ??
कुछ दिन पहले ही राजस्थान सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कृषि‑जमीन पर बन रही अनधिकृत कॉलोनियों को अवैध घोषित कर बैन कर दिया था। इन कॉलोनियों में न तो सड़कें थीं, न सीवरेज लाइन, न ही पार्क—सिर्फ लोगों को लूटने का जाल बिछाया गया था।
परन्तु कुछ भूमाफिया और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर नया हथियार अपनाया है: *कृषि‑जमीन को हिस्से‑हिस्से में रजिस्ट्री करना  बिना  नक्सा बनाये  हुवे – प्लॉट का आकार नहीं बताया जाता, केवल हिस्से”  में जैसी रजिस्ट्री की जाती है।
– इससे भविष्य में न तो प्लॉट की सटीक लोकेशन पता चल पाती है, न ही बंटवारा संभव होता है।
– यदि किसी डीलर ने पाँच बीघे में प्लॉटिंग की और आपका हिस्सा दो‑तीन सौ हिस्सों में आया, तो आपका वास्तविक प्लॉट कहाँ होगा, इसका कोई प्रमाण नहीं रहेगा।
– ऐसी रजिस्ट्री पर न तो पट्टा मिलेगा, न ही जमीन को कन्वर्ट किया जा सकेगा, और न ही बैंक से लोन प्राप्त होगा।
कानूनी परिणाम*
– हिस्से‑हिस्से की रजिस्ट्री अवैध है; भविष्य में बंटवारा या बिक्री में भारी विवाद उत्पन्न होगा।
– सरकारी रिकॉर्ड में मूल खसरा‑नक्शा न होने के कारण पट्टा जारी नहीं किया जाएगा।
– वित्तीय संस्थान ऐसे हिस्से‑पर्चा को सुरक्षा के रूप में स्वीकार नहीं करते, इसलिए लोन नहीं मिलेगा।
– धोखाधड़ी के शिकार लोगों को कोर्ट‑के‑चक्कर और भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
आप क्या करें?*
1. केवल *सरकार द्वारा अनुमोदित कन्वर्टेड जमीन* में ही निवेश करें।
2. रजिस्ट्री से पहले *मूूल खसरा‑नक्शा* और *पूरा बीघा* की रजिस्ट्री की प्रतिलिपि माँगें।सभी दस्तावेज  चेक  करे  या  किसी  कानूनी  जानकार  के  पास  दिखाए ँ
3. डीलर की वैधता और अधिकारी की अनुमति की जाँच करें।
4. नई सरकारी पॉलिसी का इंतजार करें; जल्दबाजी में प्लॉट न खरीदें।
5. किसी भी अनियमित प्रस्ताव पर *संदेह* होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या कानूनी सलाहकार से संपर्क करें
राजस्थान सरकार ने कृषि‑जमीन को बचाने के लिए बैन लगाया था, परन्तु कुछ बेईमान लोगों ने हिस्से‑हिस्से रजिस्ट्री करके नया धोखा शुरू कर दिया है। सतर्क रहें, सही दस्तावेज़ के बिना कोई भी सौदा न करें और नई पॉलिसी के स्पष्ट होने तक धैर्य रखें।

📺 MOKAJI TV की अपील

अगर आपने भी सोसायटी पट्टे पर प्लॉट लिया है और आपकी रजिस्ट्री अटकी है,
तो MOKAJI TV से जुड़ें, आपकी आवाज़ हम सरकार तक पहुँचाएंगे।

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Author: MOKAJI TV

I am Moti Singh Rathore Founder/CEO DIRECTOR/ Editor in chief of Mokaji Media Entertainment Pvt Ltd Company. Our Media Company run Media business with online News Portal "MOKAJI TV".

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